आपकी प्रिय ऋतु कौन सी है और क्यों इस ऋतु में मनाए जाने वाले त्योहार का महत्व बताइए? - aapakee priy rtu kaun see hai aur kyon is rtu mein manae jaane vaale tyohaar ka mahatv bataie?

मेरा प्रिय मौसम वर्षा ऋतु पर निबंध महत्व लाभ हानि एवं त्योहार( My Favourite Rainy Season in hindi)

  • वर्षा ऋतु पर निबंध
    • मेरा प्रिय मौसम वर्षा ऋतु ( My Favorite Season Rainy Season)
    • वर्षा ऋतु के लाभ (Advantages of Rainy Season) –
    • वर्षा ऋतु से हानि (Disadvantages of Rainy Season) –
    • वर्षा ऋतु के प्रकार
      • बसंत ऋतु (Spring Season)
      • ग्रीष्म ऋतु (Summer Season)
      • शरद ऋतु (Autumn Season) –
      • हेमंत ऋतु (Hemant Ritu) –     
      • शिशिर मौसम (Winter Season) –

वर्षा ऋतु पर निबंध

मेरा प्रिय मौसम वर्षा ऋतु है. क्यूकि वर्षा ऋतु में जब पहली बार बारिश की बूंदे धरती पर पड़ती है तब उसकी सोंदी -सोंदी खुशबू मन में आनंद का भाव उत्पन्न कर देती है. वर्षा ऋतु के आने से चारों ओर हरियाली छा जाती है. यह हमारे मन को आनंद से भर देता है, इसलिए मुझे यह मौसम पसंद है.

मौसम साल के भाग होते है, जिनका उल्लेख दिन के प्रकाश, पर्यावरण और मौसम में बदलाव से होता है. पृथ्वी सूर्य के चारों ओर एक ही कोण में चक्कर लगाती है, जिससे हमें अलग – अलग मौसमों का अहसास होता है. मौसम का अनुमान पृथ्वी के तापमान पर निर्भर करता है. पृथ्वी की सतह पर सूर्य की किरणों की प्रबलता में आये बदलाव से, मौसम का अनुमान लगाया जाता है.

पृथ्वी के दो गोलार्ध होते है उत्तरीय गोलार्ध और दक्षिणीय गोलार्ध. जब पृथ्वी का उत्तरीय गोलार्ध सूर्य के तुरंत सम्पर्क में आता है, तब यहाँ का तापमान ज्यादा हो जाता है, जिस वजह से यहाँ गर्मी का मौसम होता है. उसी समय दक्षिणीय गोलार्ध का सूर्य से सम्पर्क कम होता है, जिस वजह से वहां का तापमान कम हो जाता है और यहाँ ठण्ड का मौसम रहता है. इसी प्रकार छह महीने बाद इसका उल्टा होता है, जब पृथ्वी का दक्षिणीय गोलार्ध सूर्य से तुरंत सम्पर्क में आता है, तब यहाँ गर्मी का मौसम होता है और उत्तरीय गोलार्ध में सूर्य का सम्पर्क कम होने की वजह से वहां ठण्ड का मौसम रहता है.

आपकी प्रिय ऋतु कौन सी है और क्यों इस ऋतु में मनाए जाने वाले त्योहार का महत्व बताइए? - aapakee priy rtu kaun see hai aur kyon is rtu mein manae jaane vaale tyohaar ka mahatv bataie?

आमतौर पर मौसम मुख्य चार प्रकार के होते है बसंत, गर्मी, वर्षा और सर्दी. इन सभी का अनुमान सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की परिक्रमा लगाने से होता है, क्यूकि पृथ्वी की परिक्रमा एक साल में पूरी होती है और मौसम साल के ही भाग होते है. किन्तु पृथ्वी के अलग –अलग भागों में मौसम के अलग –अलग प्रकार बताये गए है, जैसे दक्षिण एशिया के देश भारत, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका के कैलेंडर के हिसाब से यहाँ छह प्रकार के मौसम होते है और इन्हें यहाँ ऋतुयें कहा जाता है.

  • बसंत ऋतु (Spring Season)
  • ग्रीष्म ऋतु (Summer Season)
  • वर्षा ऋतु (Rainy Season)
  • शरद ऋतु (Autumn Season)
  • हेमंत ऋतु (Hemant Season)
  • शीत ऋतु (Winter Season)

भारत देश में इन ऋतुओं के अनुसार अलग – अलग त्यौहार मनाये जाते है. नीचे दी हुई सूची में इन ऋतुओं के तापमान तथा इन ऋतुओं में मनाये जाने वाले त्यौहार दर्शाएँ गए है –

 ऋतुएँ हिंदी माह ग्रेगोरियन माह
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मौसमों के त्यौहार

बसंत चैत्र और वैशाख मार्च से मई बसंत पंचमी, उगादी,

गुडी पडवा, होली, राम नवमी, विशू/ रंगोली बिहू/ वैशाखी/ तमिल पुथांडू/ हनुमान जयंती आदि

ग्रीष्म ज्येष्ठ और आषाढ मई से जुलाई वट पूर्णिमा, रथ यात्रा और गुरु पूर्णिमा
वर्षा सावन और भाद्रपद जुलाई से अगस्त रक्षा बंधन, कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नौखई, ओणम, गुरुजोणार तिथि
शरद आश्विन और कार्तिक सितम्बर से नवंबर नवरात्रि, विजयादशमी, शरद पूर्णिमा और बिहू
हेमंत आग्हन और पौष नवंबर से जनवरी बिहू, दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा
शिशिर माघ और फागुन जनवरी से मार्च शिवरात्रि, शिग्मो, पोंगल और संक्रांति

नीचे इन ऋतुओं और उसमें होने वाले त्योहारों के बारे में बताया गया है, जोकि हिन्दूओं के धार्मिक त्यौहार कहलाते है.

मेरा प्रिय मौसम वर्षा ऋतु ( My Favorite Season Rainy Season)

हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से मानसून का मौसम वर्षा ऋतु कहलाता है. भारत में इस समय बारिश होती है. यह हिन्दू माह सावन और भाद्रपद में आता है. हिन्दू इस समय रक्षा बंधन, कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नौखई, ओणम, गुरुजोणार तिथि नामक त्यौहार मनाते है. वर्षा ऋतु समर सोलस्टिस में शुरू होती है.

यह हर साल ग्रीष्म ऋतु के बाद आती है, विशेष रूप से वर्षा ऋतु का आगमन जुलाई महीने में होता है और यह सितम्बर तक चलता है. ग्रीष्म ऋतु में जल के साधन जैसे समुद्र, नदियाँ आदि से जल भाप के रूप में आसमान में जाता है, वहां जा कर यह जल इक्कठा हो जाता है और यही बादल बनते है. इसलिए जब मानसून आता है, तब आसमान में बादल छा जाते है. जब बहुत सारे बादल एक दूसरे के साथ घर्षण में होते है, तब तूफ़ान आता है और बादल का गरजना, बिजली का चमकना शुरू हो जाता है फिर बारिश होने लगती है.

वर्षा ऋतु के आने से चारों ओर हरियाली छा जाती है. बाग़- बगीचों में रौनक आ जाती है. धरती की प्यास बुझती है. सागर, नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ जाता है. वन में मोरों का पसंदीदा नाच प्रारम्भ हो जाता है. किसानों और वनस्पतियों के लिए यह मौसम वरदान सिद्ध होता है. क्यूकि किसानों को इस समय खेती में लाभ मिलता है. हरी- भरी धरती और बादलों के आसमान में छा जाने का द्रश्य देखते ही बनता है. वर्षा का मौसम गर्मी से झुलसते जीवों को शांति एवं राहत पहुँचता है, और लोगों का मन आनंदित कर देता है. मुझे यह सब बहुत पसंद है इसलिए यह मेरा प्रिय मौसम है.

वर्षा ऋतु में बारिश होने की वजह से लोग ज्यादातर घर में ही रहते है. इस समय मौसम हल्का ठंडा रहता है, जिस वजह से लोग गरम चीजें खाते है. भारत में हिन्दू इस समय राखी का त्यौहार मनाते है जिसमें बहनें अपने भाई को राखी बांधती है. कृष्ण जन्माष्टमी में लोग कृष्ण भगवान की पूजा करते है, और गणेश चतुर्थीमें लोग गणेश भगवान की पूजा करते है.

वर्षा ऋतु के लाभ (Advantages of Rainy Season) –

  • वर्षा ऋतू से लाभ ये है कि गर्मी की तेज धूप से राहत मिलती है,
  • वातावरण से गर्म हवा चली जाती है, जिससे लोग राहत महसूस करते है.
  • पेड़ पौधों, घास, और सब्जियों को बढ़ने में मदद मिलती है. चोरों ओर हरियाली छा जाती है.
  • इस मौसम में जानवरों को भी राहत मिलती है, क्यूकि वे हरी घास और पौधों आदि का सेवन कर सकते है, जिससे वे हमें ज्यादा शुद्ध दूध भी देते है.
  • वर्षा अच्छी होने से, उत्पादन अच्छा होता है, जिससे देश में महंगाई कम होती है. किसानों का फायदा मिलता है.

वर्षा ऋतु से हानि (Disadvantages of Rainy Season) –

वर्षा ऋतु में लाभ के साथ – साथ कुछ हानियाँ भी है. वर्षा ऋतु में जब बारिश होती है, तब बारिश का पानी सड़क और बगीचों में भर जाता है, जिससे बहुत मिट्टी और कीचड़ हो जाता है. जिससे बहुत सारी परेशानियां होती है. सड़क और बगीचों में सूर्य की किरणों के न पड़ने की वजह से यहाँ की मिट्टी सूख नही पाती, जिसके कारण कीटाणु पनपने लगते है और यही बिमारियां फैलाते है.

वर्षा ऋतु के प्रकार

इसके अलावा बाकि ऋतुओं के बारे में भी मैं आपको विस्तार से जानकारी देती हूँ.

बसंत ऋतु (Spring Season)

हिंदी कैलेंडर के अनुसार बसंत का मौसम बसंत ऋतु कहलाता है. भारत में इस समय न तो ज्यादा गर्मी होती है और न ही ज्यादा ठण्ड होती है. यह हिन्दू माह चैत्र और वैशाख में आता है. इस समय यहाँ बहुत से त्यौहार मनाये जाते है, जैसे नया साल, बसंत पंचमी, उगादी, गुढीपाडवा, होली, राम नवमी, विशू/ रंगोली बिहू/ वैशाखी/ तमिल पुथांडू/ हनुमान जयंती आदि. बसंत ऋतु का मध्यबिंदु बसंत संपात में होता है. संपात साल में दो होते है तब, जब दिन और रात बराबर घंटों की होती है. बसंत संपात मार्च की 20 या 21 तारीख को आता है, जब बसंत और मानसून में पृथ्वी की धुरी सूर्य के न ज्यादा पास होती है और न ही ज्यादा दूर होती है. बसंत संपात को विषुव भी कहा जाता है. शरदकालीन संपात सितंबर की 22 या 23 तारीख को आता है.

भारत में बसंत ऋतु में चैत्र माह के पहले दिन नया साल और पांचवे दिन बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है. इस दिन सभी पीले रंग के कपड़े पहनते है, हल्दी से तिलक करते है, सूर्य, धरती और माँ गंगा की पूजा करते है.

ग्रीष्म ऋतु (Summer Season)

हिंदी कैलेंडर के अनुसार गर्मी का मौसम ग्रीष्म ऋतु कहलाता है. भारत में इस समय गर्मी ज्यादा होती है. यह दो हिन्दू माह ज्येष्ठ और आषाढ में आता है. इस समय यहाँ रथ यात्रा और गुरु पूर्णिमा का त्यौहार मनाया जाता है. ग्रीष्म ऋतु समर सोलस्टिस के साथ खत्म होती है. सोलस्टिस साल में दो होते है, एक गर्मी में और एक सर्दी में तब, जब सूर्य आसमान के सबसे ऊपर होता है. जून माह में समर सोलस्टिस उत्तरीय गोलार्ध में और विंटर सोलस्टिस दक्षिणीय गोलार्ध में होते है. समर सोलस्टिस जून की 20 या 21 तारीख को आता है, यह साल का सबसे बड़ा दिन होता है. इस समय उत्तरीय गोलार्ध, सूर्य के सम्पर्क में होता है और दक्षिणीय गोलार्ध की सूर्य से दूरी ज्यादा होती है. इसलिए यहाँ इस समय गर्मी का मौसम रहता है.

ग्रीष्म ऋतु में ज्यादा गर्मी पड़ने की वजह से लोग ठंडी चीजों का सेवन करते है. इस मौसम में कई प्रकार के फल भी खाए जाते है जैसे तरबूज, अंगूर, चीकू, लीची, जामुन आदि.

शरद ऋतु (Autumn Season) –

हिंदी कैलेंडर के अनुसार शरद रितु आश्विन और कार्तिक में आता है. इस समय हिन्दू नवरात्रि, विजयादशमी, शरद पूर्णिमा और बिहू नामक त्यौहार मनाते है. शरद ऋतु का मध्यबिंदु शरदकालीन संपात में होता है, जब दिन और रात बराबर घंटों की होती है. यह सितम्बर की 22 या 23 तारीख को होता है. इस लिए शरद ऋतु शरदकालीन संपात में आती है. इस मौसम को पतझड़ का मौसम भी कहा जाता है क्यूकि इस समय पेड़ों से पत्ते झड़ते है. वर्षा ऋतु में पेड़ों में नये पत्ते आते है और जब शरद ऋतु का आगमन होता है तो ये सूखने लगते है. शरद ऋतु के आते ही ये झड़ने लगते है जिस वजह से इसे पतझड़ का मौसम कहा जाता है.

भारत में शरद ऋतु में नवरात्रि का त्यौहार बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है.  इस समय हिन्दू माँ दुर्गा की पूजा करते है और 9 दिनों का उपवास भी करते है. दशहरा में हिन्दू रावण दहन करते है, और शरद पूर्णिमा में भगवान को रबड़ी नामक व्यंजन चढ़ाया जाता है. इस तरह शरद ऋतु में लोग इन त्योहारों को ख़ुशी और आनंद के साथ मनाते है.

हेमंत ऋतु (Hemant Ritu) –     

हिंदी कैलेंडर के अनुसार ठण्ड के पहले का मौसम हेमंत ऋतु कहलाता है. इस समय तापमान ज्यादा गरम भी नही रहता है और न ही ज्यादा ठंडा रहता है. यह दो हिन्दू माह आग्हन और पौष में आता है. इस समय हिन्दू बिहू, दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा का त्यौहार मनाते है. भारत देश में दीपावली का त्यौहार बड़ा त्यौहार माना जाता है, इस समय लोग लक्ष्मी जी की पूजा करते है. 

हेमंत ऋतु विंटर सोलस्टिस में खत्म होती है. दिसम्बर माह में विंटर सोलस्टिस उत्तरीय गोलार्ध में और समर सोलस्टिस दक्षिणीय गोलार्ध में होते है. विंटर सोलस्टिस दिसम्बर की 21 या 22 तारीख को आता है, यह साल का सबसे छोटा दिन होता है. इस समय दक्षिणीय गोलार्ध सूर्य के तुरंत सम्पर्क में आने लगता है और उत्तरीय गोलार्ध की सूर्य से दूरी बढ़ने लगती है जिस वजह से यहाँ उस समय हल्का गर्म और हल्का ठंडा मौसम रहता है.

शिशिर मौसम (Winter Season) –

हिंदी कैलेंडर के अनुसार ठण्ड का मौसम शिशिर ऋतु कहलाता है. इस समय भारत में ठंडक रहती है. यह हिन्दू माह माघ और फागुन में आता है. इस समय तापमान बहुत कम रहता है जिससे ठण्ड ज्यादा महसूस होती है. इस समय हिन्दू शिवरात्रि, शिग्मो, पोंगल और संक्रांति का त्यौहार मनाते है. शिशिर ऋतु विंटर सोलस्टिस में शुरू होती है. इस समय पृथ्वी के उत्तरीय गोलार्ध की सूर्य से दूरी बढ़ जाती है और दक्षिणीय गोलार्ध सूर्य के सम्पर्क में आ जाता है. इसलिए यहाँ इस समय ठण्ड रहती है. 

शिशिर ऋतु में लोग ठण्ड की वजह से गरम कपड़े पहनते है. यह बहुत लोगों का पसंदीदा मौसम होता है क्यूकि इस समय में गर्मी नही लगती. इस मौसम में लोग धूप में रहना पसंद करते है और गर्म चीजों का सेवन करते है. इस मौसम में लोग संतरे, कीवी, सीताफल आदि फल खाते है. किवी फल के फायदे पढने के लिए यहाँ क्लिक करें.

भारत देश में इस समय संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है, इसमें लोग तिल से बनी चीजों का सेवन करते है. उसके बाद शिवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है इसमें लोग भगवान् शिव की पूजा करते है. इस तरह भारत में इन ऋतुओं को त्योहारों की तरह मनाया जाता है. मुझे ये सभी ऋतुएँ पसंद है किन्तु मुझे वर्षा ऋतु सबसे ज्यादा प्रिय है.

वर्षा ऋतु में हरियाली छा जाती है, फूल खिलने लगते है, आसमान में इन्द्रधनुष दिखाई देने लगते है. पक्षी भी खुशी से चहचहाने लगते है और नाचने लगते है. इन सभी चीजों से मन को बहुत आनंद महसूस होता है इसलिए मुझे यह त्यौहार प्रिय है.

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आपकी प्रिय ऋतु कौन सी है और क्यों इस ऋतु में मनाए जाने वाले त्योहारों का महत्व बताइए?

भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है ऋतुओं में मैं वसंत हूँ। वसंत ऋतु में वसंत पंचमी, शिवरात्रि तथा होली नामक पर्व मनाए जाते हैं। भारतीय संगीत साहित्य और कला में इसे महत्वपूर्ण स्थान है।

आपकी प्रिय ऋतु कौन सी है और क्यों?

वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर इन छ: ऋतुओं का जो सुंदर क्रम हमारे देश में है, वह दूसरी जगह दुर्लभ है। प्रत्येक ऋतु की अपनी छटा है, अपना आकर्षण है। पर इन सभी ऋतु-सुंदरियों में मुझे वसंत ऋतु सबसे अधिक प्रिय है।

आपकी प्रिय ऋतु कौन सी है?

वर्षा ऋतु आषाढ़, श्रावण तथा भादो मास में मुख्य रूप से होती है। वर्षा ऋतु मुझे बहुत पसंद है। ये भारत के चार ऋतुओं में से मेरी सबसे प्रिय ऋतु है। यह गर्मी के मौसम के बाद आती है, जो साल की सबसे गर्म ऋतु होती है।

आपकी प्रिय ऋतु कौन सी है इस विषय से सम्बंधित सभी बिंदुओं पर प्रकाश डालिए?

इन सभी ऋतुओं में मुझे वसंत ऋतु सबसे अधिक प्रिय है। शिशिर का अंत होते ही वसंत की सवारी सज-धज के साथ आ पहुँचती है। बागों में, वाटिकाओं में, वनों में, प्रकृति उसके स्वागत की तैयारियाँ करने लगती है। कलियाँ अपने घूँघट खोल देती हैं।