Bal Ram Katha Class 6 Questions and Answers Summary Chapter 12 राम का राज्याभिषेक Show
Bal Ram Katha Class 6 Questions and Answers Summary Chapter 12 राम का राज्याभिषेक These NCERT Solutions for Class 6 Hindi Vasant & Bal Ram Katha Class 6 Questions and Answers Summary Chapter 12 राम का राज्याभिषेक are prepared by our highly skilled subject experts. Class 6 Hindi Bal Ram Katha Chapter 12 Question Answers Summary राम का राज्याभिषेकBal Ram Katha Class 6 Question Answers Chapter 12 x प्रश्न 1. प्रश्न 2. प्रश्न 3. प्रश्न 4. प्रश्न 5. प्रश्न 6. प्रश्न 7. प्रश्न 8. प्रश्न 9. प्रश्न 10. प्रश्न 11. Bal Ram Katha Class 6 Chapter 12 Summary विभीषण चाहते थे कि राम कुछ दिन लंका में रुकें जिससे उनके सानिध्य में रहकर उसको भी कुछ रीति-नीति सीखने का अवसर मिले। राम तो चौदह वर्ष के वनवास में थे। उन्होंने लंका में कदम तक भी न रखा था। सीता को संदेश भिजवाने के लिए भी हनुमान को ही भेजा था। राम ने विभीषणं से कहा कि मेरी चौदह वर्ष की वनवास की अवधि समाप्त होने वाली है। यदि मैं तत्काल नहीं लौटा तो भरत प्राण दे देंगे। मैंने भरत को वचन दिया था। विभीषण ने राम के सामने दूसरा प्रस्ताव रखा कि वह भी उनके साथ अयोध्या चलना चाहता है। राम ने विभीषण के इस प्रस्ताव को सहर्ष मान लिया। सुग्रीव और हुनमान को भी राम ने अयोध्या आमंत्रित किया। ये सभी पुष्पक विमान में बैठकर अयोध्या की ओर चल पड़े। राम सीता के साथ ही विमान में बैठे थे। वे सीता को रास्ते में पड़ने वाले प्रमुख स्थानों को दिखाते जा रहे थे। सीता के आग्रह पर विमान किष्किंधा में उतारा। सीता अपने साथ सुग्रीव की रानियों-तारा और रूपा को भी साथ ले जाना चाहती थीं। रास्ते में पंचवटी आई तो राम ने पंचवटी की ओर इशारा किया तो सीता ने आँखें मूंद लीं। वह अब पंचवटी को देखना नहीं चाहती थीं। गंगा के संगम पर ऋषि भरद्वाज के आश्रम में विमान उतारा गया। वे लोग रात में वहीं रुके। राम ने वहीं से हनुमान को अयोध्या भेजा ताकि भरत को उनके आने की सूचना दी जा सके और भरत की प्रतिक्रिया भी जान सकें कि राम के लौटने पर वह प्रसन्न हैं या नहीं। राम ने सोच रखा था यदि भरत का मन बदल गया होगा तो वे अयोध्या नहीं जायेंगे। जैसे ही, हनुमान ने राम के आने की सूचना दी भरत की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वे यह शुभ समाचार देने के लिए हनुमान का बार-बार धन्यवाद कर रहे थे। हनुमान भरत से विदा लेकर राम के पास लौट आए। अगले दिन विमान प्रयाग से श्रृंगवेरपुर होते हुए सरयू नदी के किनारे पहुँचा। सभी ने अयोध्या को प्रणाम किया। अयोध्या में राज्याभिषेक की तैयारियाँ चल रही थीं। शत्रुघ्न राज्याभिषेक की तैयारियों में लगे थे। महल से तीनों रानियाँ नंदीग्राम के लिए चल पड़ीं, क्योंकि राम को पहले भरत से मिलना था, जो नंदीग्राम में रहते थे। राम का विमान नंदीग्राम में उतरा। वहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। राम ने भरत को गले से लगा लिया। माताओं को प्रणाम किया। भरत आश्रम के भीतर जाकर राम की खड़ाऊँ उठा लाए। भरत ने झुककर अपने हाथों से राम के पैरों में पहनायीं। राम-लक्ष्मण ने नंदीग्राम में ही अपना तपस्वी बांना उतार दिया और राजसी वस्त्र धारण किए। जन-समूह उनकी जय-जयकार करते हुए अयोध्या की ओर चल दिया। राम ने पुष्पक विमान कुबेर को लौटा दिया। यह विमान रावण ने कुबेर से बलात् छीन लिया था। सजी-धजी अयोध्या नगरी राम के दर्शन से आह्लादित थी। भरत ने अयोध्या का राज्य राम को नंदीग्राम में ही लौटा दिया था। राम के राज्याभिषेक के लिए पूरा नगर सुसज्जित था और दीपों से जगमगा रहा था। फूलों से सुवासित एवं वाद्य यंत्रों से झंकृत था। अगले दिन मुनि वशिष्ठ ने राम का राजतिलक किया। राम और सीता दोनों रत्न-जटित सिंहासन पर बैठे हुए थे। भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न उनके पास खड़े थे। हनुमान नीचे बैठे थे। राम ने सीता को बहुमूल्य हार दिया। प्रजाजनों ने अनेक वस्तुएँ उपहार में दी। सीता ने अपने गले का हार उतारा। वे दुविधा में थीं कि किसे दें। राम ने सीता से कहा-जिस पर तुम सर्वाधिक प्रसन्न हो, उसे दे दो। सीता ने वह हार हनुमान को भेंट कर दिया। सीता हनुमान की भक्ति और पराक्रम से बहुत खुश थीं। कुछ ही दिनों में सारे अतिथि एक-एक कर चले गए। हनुमान कहीं नहीं गए। वे राम की सेवा के लिए राम-दरबार में ही रहे। राम ने लंबे समय तक अयोध्या पर राज किया। उनके राज्य में सभी सुखी थे। किसी को भी किसी प्रकार का कष्ट नहीं था। उनका राज्य राम-राज्य कहलाया। राम लक्ष्मण और सीता अयोध्या कैसे पहुंचे?कैसे आए थे भगवान राम? वैसे आपको बता दें कि रामायण की कहानियों के अनुसार, भगवान राम पैदल लंका से अयोध्या नहीं आए थे. कहा जाता है कि लंका में रावण को मारने के बाद भगवान राम और उनका परिवार पुष्पक विमान के जरिए अयोध्या आया था.
लंका से अयोध्या तक सभी कैसे पहुंचे class 6?प्रश्न 5. लंका से अयोध्या तक सभी कैसे पहुँचे? उत्तर: लंका से अयोध्या तक सभी विभीषण के पुष्पक विमान से पहुँचे।
अयोध्या पहुंचकर भरत ने क्या किया?अयोध्या पहुंचकर भरत ने उनकी पूजा की। भरत अयोध्या नहीं रुके, तपस्वी वस्त्र धारण कर नंदीग्राम चले गए और राम के आने का इंतजार करने लगे।
राम लक्ष्मण और सीता चित्रकूट से कहाँ गए class 6?Answer: पंचवटी। यह वह स्थान है जहाँ राम, लक्ष्मण और सीता चित्रकूट छोड़ने के बाद चले गए थे।
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